| Publisher |
Unbound Script |
| Publication Year |
2025 |
| ISBN-13 |
9789348497154 |
| ISBN-10 |
9348497154 |
| Binding |
Paperback |
| Edition |
First |
| Number of Pages |
56 Pages |
| Language |
(Hindi) |
| Dimensions (Cms) |
7.7X5.1X1 |
| Weight (grms) |
100 |
| Subject |
Literature & Fiction |
उपासना की यहाँ प्रस्तुत रचानाएँ विधाओं के बीच आवाजाही का सुन्दर उदाहरण हैं। ये फ़्लैश फिक्शन के नज़दीक नज़र आती हैं लेकिन इनमें कविता, संस्मरण और स्केच की छायाएँ भी आती जाती दिखती हैं। इनमें ऐसे क्षणों को कोमलता से दर्ज किया गया है जो अन्यथा देखने से छूट जाते हैं। अछूती बिम्बात्मकता के बावजूद ये सरल भी हैं, बहुलार्थक भी। इनसे गुज़रकर पाठक के देखने और सोचने का तरीक़ा वह नहीं रह जाता, जो इससे पहले था। उसमें स्मृति के प्रति थोड़ी रागात्मकता बढ़ जाती है, दृष्टिकोण में कुछ अपरिचित आयाम जुड़ जाते हैं।
UPASANA
उपासना अलग-अलग आयुवर्ग के लिए कहानी, कविता, नाटक और अन्य विधाओं में निरंतर लिखती रही हैं। वह एक प्रशिक्षित पेंटर और शौकिया चित्त्रकार हैं।
उन्हें अपने पहले कहानी संग्रह के लिए भारतीय ज्ञानपीठ का युवा लेखन पुरस्कार तथा उनकी कथा प्रतिभा के लिए विजयमोहन सिंह स्मृति पुरस्कार और बनमाली विशिष्ट कथा सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।
वह नियमित रूप से पत्त्र- पत्रिकाओं के लिए लिखती आ रही हैं।
दो बाल कथा संग्रह, एक बाल उपन्यास तथा बाल नाटक की पुस्तकें प्रकाशित ।
UPASANA
Unbound Script